संदर्भ
APEDA के सहयोग से असम की प्रसिद्ध GI-टैग वाली ‘तेजपुर लीची’ का पहली बार दुबई निर्यात किया गया, जो पूर्वोत्तर के कृषि उत्पादों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

लीची के बारे में
- लीची सैपिन्डेसी (Sapindaceae) परिवार से संबंधित एक उष्णकटिबंधीय फल है, जिसकी विशेषताएँ मीठा स्वाद और उच्च पोषक तत्त्व हैं।
- कृषि के लिए परिस्थितियाँ
- उपयुक्त जलवायु: लीची के लिए नम उप-उष्णकटिबंधीय जलवायु अनुकूल होती है और समुद्र तल से लगभग 800 मीटर तक के कम ऊँचाई वाले क्षेत्र सबसे उपयुक्त हैं ।
- मिट्टी की आवश्यकता: लीची की कृषि के लिए जैविक मलबे से भरपूर, गहरी, अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी, जिसका पीएच मान 5.0-7.0 के बीच हो, आदर्श होती है।
- तापमान की आवश्यकता: गर्मियों का तापमान 40.5°C से नीचे होना चाहिए और सर्दियों का तापमान हिमांक बिंदु से ऊपर रहना चाहिए।
- वर्षा के प्रति संवेदनशीलता: फूल आने के दौरान लंबे समय तक होने वाली वर्षा परागण (Pollination) पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है, जबकि यह फसल सर्दियों में पाले (Frost) और गर्मियों में शुष्क स्थिति के प्रति संवेदनशील होती है।
- वितरण
- वैश्विक वितरण: चीन दुनिया का सबसे बड़ा लीची उत्पादक देश है, जिसके बाद भारत का स्थान आता है, जबकि थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, मेडागास्कर और संयुक्त राज्य अमेरिका अन्य प्रमुख उत्पादक हैं।
- भारत में वितरण: भारत में लीची की बड़े पैमाने पर खेती बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, झारखंड और असम में की जाती है, जिसमें बिहार प्रमुख उत्पादक राज्य है।
तेजपुर लीची के बारे में
- तेजपुर लीची एक प्रीमियम बागवानी उत्पाद है, जिसकी खेती मुख्य रूप से असम के सोनितपुर जिले में की जाती है।
- उत्पत्ति: तेजपुर की लीची की विरासत वर्ष 1923 से जुड़ी है, जब प्रसिद्ध साहित्यकार और तेजपुर नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष पद्मनाथ गोहाईं बरुआ ने शहर में लीची के बागों की स्थापना की थी।
- मुख्य विशेषताएँ
- असाधारण गुणवत्ता और स्वाद: यह फल अपनी असाधारण मिठास, रसीले गूदे, चमकीले-लाल रंग और विशिष्ट सुगंध के लिए जाना जाता है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसे काफी पसंद किया जाता है।
- विविध स्वदेशी किस्में: इसकी प्रमुख किस्मों में बॉम्बेया (Bombaya), बिलाती, इलायची, पियाजी और शाही शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक की अपने अनूठे स्वाद और गुणवत्ता विशेषताएँ हैं।
- उच्च निर्यात क्षमता: इसकी प्रीमियम गुणवत्ता, GI मान्यता के साथ मिलकर, बाजार में इसकी स्वीकार्यता को बढ़ाती है और मूल्य-वर्द्धित कृषि निर्यात के अवसर उत्पन्न करती हैं।
- GI दर्जा प्रदान किया गया: वर्ष 2015
- यह GI टैग इसकी अनूठी भौगोलिक पहचान की रक्षा करता है और वैश्विक स्तर पर बाजार में इसकी पहचान को मजबूत करता है।
- अन्य GI-टैग प्राप्त लीची की किस्म: शाही लीची (बिहार), 2018।
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के बारे में
- कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (भारत सरकार) के तहत एक वैधानिक निकाय है, जो भारत से कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार है।
- स्थापना: एपीडा (APEDA) अधिनियम, 1985 के तहत।
- कार्य
- निर्यात संवर्द्धन: APEDA भारतीय कृषि उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों की पहचान करता है और उन्हें विकसित करता है।
- बुनियादी ढाँचा और गुणवत्ता सहायता: यह गुणवत्ता प्रमाणन, पैकेजिंग, कोल्ड-चेन बुनियादी ढाँचे और निर्यात-उन्मुख सुविधाओं के लिए सहायता प्रदान करता है।
- क्षमता निर्माण: निर्यात प्रतिस्पर्द्धात्मकता में सुधार के लिए यह प्राधिकरण किसानों, निर्यातकों और एफपीओ (FPOs) के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है।
- बाजार संपर्क: APEDA व्यापार संवर्द्धन और बाजार पहुँच पहलों के माध्यम से उत्पादकों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ता है।